प्रकृति ने हमें बहुत कुछ दिया है। उनमें से सबसे खास वस्तु है पेड़ benefits of trees । दोस्तों, पेड़ों से हमें ऑक्सीजन मिलता है जो हमारे जीवन के लिए बेहद जरूरी है। इतना ही नहीं, पेड़ों के दिए फल को खाने के लिए न जाने कितनी बार हम इन पर पत्थर या डंडे से वार करते हैं। जरा सोचिए इनको भी दर्द होता होगा। लेकिन फिर भी ये कुछ नहीं कह सकते। हर मौसम झेलते हैं चाहे सर्दी हो, गर्मी हो या फिर बारिश।

इन पेड़ों के लिए हम प्रकृति का जितना भी एहसान मानें कम है। इसी प्रकृति से छेड़छाड़ के कारण आज हमें कई सारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। आज लाखों लोग बीमार पड़ रहे हैं। इन बीमारियों से benefits of trees बचने के लिए महंगी-महंगी दवाइयों का इस्तेमाल करना पड़ रहा है।

हम अगर आपसे कहें कि इन महंगी दवाइयों से आप बच सकते हैं तो आपका क्या ख्याल है। जी हां। हमारे पास एक ऐसी जादू की छड़ी है जिससे हम आपके बटुए के गांधी को कम से कम दवाइयों के लिए तो खर्च नहीं होने देंगे। ये हमारा वादा रहा। वो जादू की छड़ी benefits of trees है यह आर्टिकल जिसे पढ़कर आपको बहुत कुछ सीखने को मिलेगा। ऐसा इसलिए क्योंकि आज के इस आर्टिकल में हम आपको बताने जा रहे हैं भारत में मौजूद कुछ ऐसे मेडिसिनल प्लांट्स के बारे में जो आपको बीमारियों से कोसों दूर रख सकते हैं। 

किसी भी प्रकार के रोग के लिए मनुष्य  विभिन्न प्रकार के पौधों का उपयोग प्राचीन काल से ही करता आ रहा है। औषधी प्रदान करने वाले ज्यादातर पौधे आपको जंगली ही मिलेंगे। बहुत सी ऐसे स्थान हैं भारत में, जहां पर इन जंगली पौधों को दवाओं के रूप में इस्तेमाल करने के लिए उगाया भी जाता है । पौधों की जड़ेए पत्तियाँए फूलए फलए बीज  benefits of trees का उपयोग रोगों के उपचार के लिए किया जाता रहा है। यहां तक कि पेड़ों की छाल को भी दवा के तौर पर इस्तेमाल किया जाता है जिसका एक उदाहरण है अर्जुन की छाल। क्या आप जानते हैं पौधों में यह औषधीय गुण कहां से आता है?

दरअसल, पौधों का यह गुण benefits of trees उनमें मौजूद कुछ रासायनिक तत्वों से आता है। इन तत्वों का हमारे शरीर पर काफी असर पड़ता है। मुख्य औषधीय पौधे अगर एरगोट, मुलेठी, एकोनाइट हींग, मदार, जलाप, चंदन, लहसुन, अदरक, हल्दी, सिया, तुलसी बेलाडोना हैं । अब इन औषधीय पौधों और उनके गुणों के बारे में जान लेते हैं।

गुणों की खान हैं ये पौधे | Benefits of Trees

नीम

दोस्तों, आपने भारत के लगभग हर घर में नीम का पेड़ देखा होगा। नीम बहुत ही गुणकारी होती है। आजकल बाजार में नीम का उपयोग करके फेसवाॅश और साबुन भी बनाए जा रहे हैं। यह नीम मेलियेसी कुल का  सदस्य एजाडिरेक्टा इन्डिका है । नीम औषधीय दृष्टि से बहुत महत्वपूर्ण है। केवल भारत में ही नहीं बल्कि नीम पाकिस्तान में भी विशेष तौर पर पाया जाता है। आपको बता दें, नीम का ऐसा कोई भी भाग नहीं है जो हमारे काम न आता हो। सभी भाग जैसे पत्तियाँए तनाए पुष्पए फल आदि हमारे बहुत काम में आते हैं ।

पौधे की पत्तियाँ पाचकए कार्मिनेटिव, एवं कफनाशक तथा कीटाणुओं का नाश करने के लिए ही प्रयोग की जाती हैं। दोस्तों, नीम की पत्तियों का रस कड़वा तो जरूर होता है लेकिन इस बात को भी नजरअंदाज नहीं किया जा सकता कि इसके पत्तों का रस हमें कई सारी स्किन प्राॅबलम्स से छुटकारा भी दिलाता है। साथ ही जिन लोगों को पीलिया हो गया है उनका उपचार करने में भी नीम की पत्तियों का रस कारगर है। इसे कृमि-नाशक benefits of trees के रूप में भी उपयोग में लाया जाता है। भारत में आज भी ग्रामीण इलाकों के लोग नीम के दातून का प्रयोग करते हैं।

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तुलसी benefits of trees

इसका वानस्पतिक नाम ओसिमस सेक्टम है। भारत का शायद ही ऐसा कोई घर होगा जहां पर तुलसी का पौधा न लगा हो। भारतियों के लिए तुलसी केे पौधे का धार्मिक महत्व है। लाखों लोग अपने घरों में तुलसी का पौधा लगाकर उसकी पूजा करते हैं। उसकी परिक्रमा भी करते हैं। अकसर लोग सुबह या शाम की चाय benefits of trees में तुलसी को डालकर पीना पसंद करते हैं। जितना इसका धार्मिक महत्व है उतना ही तुलसी का औषधीय महत्व भी है। इसका शाकीय पौधा संपूर्ण भारत में मिलता है। तुलसी की पत्तियाँ कई प्रकार के रोगों से लड़ने में मदद करती हैं। इनमें लीवर से संबंधित बीमारियां, खांसी, नजला और जुखाम शामिल हैं।

इन दिनों कोरोना वायरस से बचने के लिए इम्यूनिटी स्ट्राॅंग होना बहुत जरूरी है। इसीलिए कई लोग तुलसी को काढ़े के रूप में भी प्रयोग करते हैं। इतना ही नहीं, यह पौधा मलेरिया के इलाज में भी रामबाण साबित हो सकता है।

बेल

चलिए दोस्तों, अब जान लेते हैं बेल के फायदों के बारे में। बेल रूटेसी कुल benefits of trees का सदस्य है। साथ ही बेल का पौधा पूरे विश्व भर में पाया जाता है । बेल के फल को टॉनिक के तौर पर भी प्रयोग में लाया जाता है। इसके औषधीय गुणों के बारे में जानकर आप हैरान रह जाएंगे। बेल के जड़ से लेकर छाल, फल और पत्ते गुणों की खान हैं और हमारे शरीर के लिए यह बेहद फायदेमंद है। जिन लोगों को रतौंधी की शिकायत है

उनके लिए यह फल किसी वरदान से कम तो बिलकुल भी नहीं है। इसके लगातार सेवन से रतौंधी नामक बीमारी ठीक हो जाती है। इसके अलावा दिल के दर्द में भी बेल का शरबत काफी लाभकारी होता है। यह फल पेचिश से भी लड़ने में सक्षम है। रक्त प्रवाह रोधी के रूप में भी इसे यूज़ किया जाता है। इससे डाइरियाए आंत की गड़बड़ियों तथा कब्ज की समस्या भी दूर होती है।

आंवला

आंवले के फलों में विटामिन C भरपूर मात्रा में होता है। कई प्रकार के गुणों से भरपूर आंवला विभिन्न बीमारियों को जड़ से खत्म करने की ताकत रखता है। दोस्तों, आंवले के फल में बहुत शीतलता होती है। भारत में लगभग सभी घरों में आंवले को या तो चटनी के रूप में या फिर मुरब्बे के रूप में इस्तेमाल किया जाता है। फ्रेंड्स, आंवला हमारे शरीर के लिए बहुत फायदेमंद होता है। आयुर्वेद में भी आंवले के महत्व को विस्तार से समझाया गया है। यह पेट के विकार और आँखों की रोशनी को ठीक करता है। आपको बता दें, आंवले का प्रयोग बालों को मजबूती देने के लिए तेल के तौर पर भी किया जाता है। 

दोस्तों, इस लेख में आपने जाना भारत में पाए जाने वाले विभिन्न प्राकर के पौधों के बारे में जिनहें औषधीय गुणों की खान कहा जाता है। ऐसे ही और अमेजि़्ांग फैक्ट्स के लिए बने रहिए ग्लोबल केयर के साथ।

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