दोस्तों, आयुर्वेद की परम्परा सदियों पुरानी है। प्राचीन ग्रंथ ऋगवेद में भी विस्तार से आयुर्वेद का महत्व बताया है। ऐसा माना जाता है कि भगवान् ब्रह्मा ने आयुर्वेद का ज्ञान सबसे पहले दक्ष प्रजापति को दिया था। भारत में चिकित्सा के क्षेत्र में हजारों वर्षों से आयुर्वेद पद्धति कारगर साबित हुई है।

कोई भी रोग हो, कैसा भी रोग हो, आयुर्वेद में हर रोग से लड़ने की क्षमता है। प्राचीन समय में हमारे देश में रहने वाले ऋषी-मुनी इसी पद्धति को अपना कर स्वस्थ रहते थे और लम्बा जीवन जीते थे। आयुर्वेद का सिद्धांत तीन विषयों पर केंद्रित है। वात, पित्त और कफ

आयुर्वेद के अनुसार कोई भी बीमारी तभी पैदा होती है जब इन तीनों में से किसी एक में विकार उत्पन्न हो जाता है। जैसा कि आप सब जानते हैं। इन दिनों कोरोना का काल चल रहा है। अस्पतालों में मरीजों की लाइन लगी हुई है। एक एक सांस के लिए लोग तड़प रहे हैं।

आज के समय में ये आवश्यक हो गया है कि हम अपनी इम्यूनिटी को स्ट्राॅंग रखें। आज हम आपको ऐसे उपायों के बारे में बताने जा रहे हैं दोस्तों, जो आपकी इम्यूनिटी यानी रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने में मददगार साबित हो सकते हैं।

  1. गर्म पानी पीना
  2. हल्दी वाला दूध
  3. भाप एवं लाॅंग का सेवन
  4. काढ़े का सेवन करना
  5. लेहसुन का प्रयोग
  6. पालक
  7. ऑयल थेरेपी
  8. अदरक
  9. गिलोय

चलिए इसके बारे में आपको विस्तार से बताते हैं। हमारा ये आर्टिकल पूरा पढ़ेंगे तो आपको काफी मदद मिलेगी।

गर्म पानी पीना

कहा जाता है कि कोई भी वायरस या बैक्टीरिया गर्म चीज़् में टिक नहीं सकता है। यही कारण है कि न केवल इस कोरोना काल के दौरान, बल्कि आम तौर पर भी डाॅक्टर्स सभी को गर्म पानी पीने की सलाह देते हैं। चलिए आपको गर्म पानी पीने के कुछ और फायदों के बारे में भी बताते हैं।

दोस्तों, अगर हम रोज़ सुबह उठकर खाली पेट गर्म पानी का सेवन करेंगे तो हमें यूरीन से संबंधित समस्या जैसे कि यूरीन पास करते समय जलन होना, या दर्द होने जैसी समस्या दूर हो जाएगी। यही नहीं, ऐसा करने से हमारे सीने में जलन की शिकायत भी दूर हो जाती है। इतना ही नहीं, सुबह उठ कर जो लोग गुनगुने पानी का सेवन करते हैं वो लम्बे समय तक जवां बने रहते हैं। साथ ही गर्म पानी पीने से आपको गैस की समस्या भी नहीं रहेगी।

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हल्दी वाला दूध

हल्दी एक ऐसा पदार्थ है जो हर घर की किचन में मौजूद होता है। हल्दी का सेवन हम सबके लिए बेहद फायदेमंद है। हल्दी को भारतीय रसोई घरों की सबसे कारगर दवा के रूप में भी जाना जाता है। जब भी किसी को चोट लग जाती है तो उसे हल्दी वाला दूध दिया जाता है।

ऐसा इसलिए क्यूंकि हल्दी दर्द को दूर करने का काम करती है। हल्दी का गर्म दूध में डालकर सेवन करने से हमारी इम्यूनिटी कई गुना बढ़ जाती है और हम जल्दी बीमार नहीं पड़ते हैं। दादी-नानी के नुस्खे के रूप में आपने हल्दी दूध की चर्चा जरूर सुनी होगी।

पाचन से जुड़ी समस्या में भी हल्दी दूध पीने की ही सलाह दी जाती है। इसके अलावा जोड़ों के दर्द को दूर करने में हल्दी दूध रामबाण इलाज साबित हो सकता है। जिन लोगों को नींद से संबंधित समस्या है उन्हें भी हल्दी दूध पीने की सलाह दी जाती है। कैंसर के इलाज में भी हल्दी दूध बहुत फायदेमंद है।

भाप एवं लाॅंग का सेवन

अगर किसी को गले में खराश, जुखाम, या खांसी है तो डाॅक्टर्स उसे भाप लेने और लाॅंग का प्रयोग करने को कहते हैं। इतना ही नहीं, जिन लोगों को श्वास की नली में दिक्कत महसूस होती है, ऐसे लोगों को भी भाप और लाॅंग का प्रयोग करने के लिए कहा जाता है। इसके सेवन से उन्हें तुरंत आराम मिल जाता है। दानी-नानी के नुस्खों में शामिल ये नुस्खा भी विशेषकर बुजुर्गों और न्यू बाॅर्न बेबी के लिए काफी ज्यादा लाभदायक है।

काढ़े का सेवन करना

कोरोना जैसी वैश्विक महामारी के दौर में जितना भरोसा लोगों को आयुर्वेद पद्धति पर है उतना शायद ही एलोपैथिक या होम्योपैथिक पद्धति पर होगा। तभी तो इस बीमारी से अपने आप को और अपनों को बचाने के लिए लोगों का रुझान आयुर्वेद की तरफ हुआ है।

आज कोरोना महामारी ने सभी को काढ़े का सेवन करने की ऐसी आदत लगाई है कि जब भी आप मेहमान बनकर किसी के घर जाएं तो वो सीधा यही पूछते हैं पानी लेंगे या काढ़ा। जो लोग काढे का सेवन करते हैं उनकी रोग प्रतिरोधक क्षमता कई गुना बढ़ जाती है और वो कम बीमार पड़ते हैं।

अगर बीमार हो भी गए तो उन्हें ठीक होने में ज्यादा समय नहीं लगता। दरअसल काढे़ में कुछ ऐसे खास तत्व होते हैं जो कोरोना को मारने में कारगर हैं। जैसे दालचीनी, तुल्सी के पत्ते, कालीमिर्च, सूखी अदरक और मुनक्के को आयुर्वेदिक काढ़े में मिलाकर पीने का सुझाव दिया जाता है। अगर आप काढ़े को ठंडा करके पीते हैं तो ये फायदा नहीं करेगा। आपको इसे गर्म-गर्म ही पीना पडेगा। तभी आपकी इम्यूनिटी स्ट्राॅंग होगी। दिन में दो बार काढ़े का सेवन करना अच्छा होता है।

 

लेहसुन का प्रयोग

दोस्तों, कोरोना से लड़ने के लिए लेहसुन का सेवन करना आपके लिए लाभ दायक रहेगा। लेहसुन का आयुर्वेद में विशेष स्थान है। ऐसा इसलिए है क्योंकि लेहसुन में कई सारे ऐसे तत्व मौजूद होते हैं जो हमें रोगों से लड़ने में मदद करते हैं।

साथ ही हमारी रोग प्रतिरोधक क्षमता को भी बढ़ाते हैं। जिन लोगों को लो ब्लड प्रेशर की शिकायत रहती है उन्हें लेहसुन का सेवन जरूर करना चाहिए। इससे उनका ब्लड प्रेशर नाॅर्मल हो जाएगा। लेहसुन में मौजूद एलिसिन नाम का तत्व हमें हर प्रकार के रोगों से लड़ने की ताकत देता है। हो सकता है कुछ लोगों को लेहसुन का स्वाद पसंद नहो लेकिन हमें इसके गुणों को नजरंदाज नहीं करना चाहिए।

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पालक

पालक को अगर गुणों की खान कह दिया जाए तो अतिश्योक्ति नहीं होगी। पालक एक ऐसी सब्जी है जिसे खाने से हमें कई सारे लाभ हो सकते हैं। पालक में प्रचुर मात्रा में पोषक तत्व और विटामिन्स होते हैं जो हमारे शरीर के लिए काफी फायदेमंद हैं।

पालक में मौजूद एंटी ऑक्सीडेंट्स हमारी बाॅडी में मौजूद गंदगी को बाहर निकालने में सक्षम है। अगर आप चाहते हैं कि पालक के पोषक तत्व आपको फायदा पहुंचाएं तो इसे तेज आंच पर पकाने की गलती कभी न करें। ऐसा करने से इसके अंदर मौजूद तत्व नश्ट हो जाते हैं। पालक को हमेशा धीमी आंच पर ही पकाना चाहिए। इतना ही नहीं, पालक का सेवन करने से हमारी रोग प्रतिरोधक क्षमता भी बढ़ती है और आंखों की रोशनी भी तेज होती है।

ऑयल थेरेपी

यह एक ऐसी थेरेपी है दोस्तों, जिसकी मदद से हम अपने शरीर को स्वस्थ रख सकते हैं। इस प्रक्रिया में हमारी नासिका में तिल अथवा नारियल का तेल डाल दिया जाता है। कोरोना से बचने में ये थेरेपी काफी कारगर है।

अदरक

फ्रेंड्स, अगर आपको खांसी या फिर जुखाम है तो ऐसे में आपको अदरक का सेवन करना चाहिए। इसके इलाज में अदरक रामबाण है। अगर सर्दी का मौसम हो और गर्मा गर्म अदरक वाली चाय पीने को मिल जाए तो वारे न्यारे हो जाते हैं। चाय के स्वाद को अदरक और ज्यादा बढ़ा देती है।

इसके अलावा अदरक का सेवन करने से हमारा केलेस्ट्राॅल भी कंट्रोल में रहता है जो कि कई सारी बीमारियों की जड़ है। इसके साथ ही अगर किसी को सांस लेने में तकलीफ हो रही हो तो उसे अदरक का सेवन जरूर करना चाहिए। जिन लोगों का पाचन तंत्र कमजोर है उन्हें भी डाॅक्टर्स अदरक का प्रयोग करने की सलाह देते हैं। अदरक हमारे इम्यून सिस्टम को और ज्यादा मजबूती देता है जिससे हम कम बीमार पड़ते हैं।

गिलोय

प्रकृति ने हमें गिलोय के रूप में एक ऐसी औषधी दी है जो हमारे लिए काफी उपयोगी है। आयुर्वेदिक पद्धति में गिलोय का प्रयोग करके तमाम रोगों को ठीक किया जाता है। दोस्तों, गिलोय का एक और नाम है और वो है अमृता। यानी की जो अमृत के समान है।

ऐसा नाम इसका इसलिए पड़ा क्योंकि गिलोय में विभिन्न प्रकार के तत्व पाए जाते हैं जो हमारे शरीर को स्वस्थ बनाए रखने में मदद करते हैं। रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने में गिलोय का कोई जवाब नहीं है। गिलोय का इस्तेमाल डेंगू जैसी खतरनाक बीमारी को जड़ से खत्म करने के लिए रामबाण दवा के तौर पर भी किया जाता है।

तो हमें उम्मीद है आप हमारे द्वारा बताए गए इन नुस्खों का प्रयोग जरूर करेंगे और सकारात्मक सोच रखते हुए कोरोना को हराने में सफल होंगे। कोरोना से डरने की बजाए अगर हम इन घरेलू उपायों को हर दिन अपनाएंगे तो हमें कोरोना छू भी नहीं सकता है। बस जरूरत है नियमित रूप से इन उपायों को करने की। फिर हमारा इम्यून सिस्टम इतना स्ट्राॅंग हो जाएगा कि कोरोना का शिकार होने से हम बच जाएंगे।

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